Thursday, May 28, 2020

सलवटें

हर साये को तुमसे हटा दूँ , आओ मेरे प्यार का आँचल उढ़ा दूँ। 
लेट जाऊँ तुम्हारे सिरहाने, आओ तुम्हारा माथा सेहला दूँ
चेहरे से चश्मे हटाके, हाथों से आँखें छुपा दूँ। 
देखो फिर ऐसे सपने, खुशियों का संसार बसा दूँ। 
तुम्हारे दिल में उस जगह के बदले, प्यार की हर गुज़ारिश निभा दूँ। 
एक दिन की कमी की कसक में, आज रात तुम्हे देखते गुज़ार दूँ। 

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